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दुनिया के सबसे छोटे चुटकलों में से एक का मर्डर

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thadispecial. शिवराज गूजर क्या आपको पता है कि दुनिया के सबसे छोटे और चर्चित चुटकुलों में से एक का मर्डर हो गया है। मर्डर भी इस चुपचाप तरीके से किया गया है कि किसी को कानों-कान खबर भी नहीं हुई। मर्डरर का नाम सुनोगे तो और भी चौंक जाओगे। अब आपके मन में सवाल उठ […]

DHARAM/SAMAJ

एबीजीएम की महिला प्रदेश अध्यक्ष 17 को लेंगी शपथ, तैयारियों को लेकर हुई बैठक

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शपथ ग्रहण समारोह में अधिक से अधिक महिला सदस्यों को लेकर आने की अपील जयपुर। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की महिला प्रदेश अध्यक्ष शोभना गुर्जर व उनकी नवनियुक्त कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण व समाज सेवी सम्मान समारोह झोटवाड़ा के विजय सिंह पथिक नगर (गुर्जर कॉलोनी) स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में 17 जून को शाम 5:15 बजे […]

EDUCATION

10 सीजीपीए के साथ स्टूडेंट्स ने बढ़ाया एमपीएस इन्टरनेशनल का गौरव

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प्राचार्य व सचिव ने सफल विद्यार्थियों को इसी प्रकार आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देते हुए दी शुभकामनाएं जयपुर। ‘एकेडमिक एक्सीलेंस‘ ही एम.पी.एस. इन्टरनेशनल स्कूल लक्ष्य है, इस बार सीबीएसई दसवीं के परीक्षा परिणाम ने यह बात साबित कर दी। स्कूल के 23 विद्यार्थियों ने 10 सीजीपीए प्राप्त करके स्कूल का नाम उंचा किया है। […]

CRIME/POLICE NEWS

लाइन में फाल्ट से घरों में करंट, एक ग्रामीण की मौत, 12 से अधिक झुलसे

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घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली कार्यालय प्रदर्शन किया और शव लेने से कर दिया इनकार जयपुर। कोटा के सुल्तानपुर गांव में आज सुबह 11 केवी लाइन में फाल्ट होने से पूरे गांव में करंट फैल गया। हादसे में करीब 12 से अधिक ग्रामीण झुलस गए, जिनमें से एक सत्यप्रकाश की उपचार के दौरान मौत हो […]

Home Health स्मोकिंग छोड़ने के बाद भी कम नहीं होता लंग कैंसर का खतरा
स्मोकिंग छोड़ने के बाद भी कम नहीं होता लंग कैंसर का खतरा
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स्मोकिंग छोड़ने के बाद भी कम नहीं होता लंग कैंसर का खतरा

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लंग कैंसर बिग किलर, 90 फीसदी लोग अंतिम स्टेज में पहुंचते हैं अस्पताल

जयपुर। फेफड़े (लंग) का कैंसर के कैंसर का सबसे बड़ा कारण स्मोकिंग और चूल्हे का धुंआ है। पहले यह जानलेवा बीमारी बुजुर्गों को ही होती थी पर अब युवाओं और महिलाओं में यह बहुत ज्यादा देखी जा रही है। इसके पीछे एक बड़ा कारण युवाओं में बढ़ता स्मोकिंग का क्रेज है। खास बात यह है कि लंबे समय तक स्मोकिंग करने के बाद छोड़ने वालों में भी लंग कैंसर का खतरा कम नहीं होता।

लंग कैंसर पर यहां एसएमएस अस्पताल के रेस्पाइरेटरी डिजीज इंस्टीट्यूट और मेडिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट की ओर से आयोजित नेशनल कांफ्रेंस के दूसरे व अंतिम दिन एक्सपर्ट ने यह जानकारी दी। दिल्ली के मैक्स हॉस्पीटल के आंकोलॉजी सर्विसेज डायरेक्टर डॉ. आर. रंगा राव ने इस मौके पर बताया कि अगर आप सालों पहले धूम्रपान करना छोड़ चुके हैं और यह सोच रहे हैं कि इससे आपको अब कोई खतरा नहीं है तो यह गलत है। अनेक केस ऐसे सामने आए हैं कि 15 साल पहले धूम्रपान छोड़ चुके लोगों को भी लंग कैंसर मिला है। यूएस प्रिवेंटिव सर्विसेज टास्क फोर्स ने कैंसर की जांच का जो मौजूदा स्तर तय किया है, उसके अनुसार 55 से 80 साल की उम्र के ऐसे व्यक्तियों को सीटी स्कैन कराना चाहिए, जिन्होंने लगातार 30 साल तक सिगरेट का सेवन किया या 15 साल पहले छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि जिन्होंने 15 साल पहले धूम्रपान छोड़ दिया है, उन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि उनमें लंग कैंसर का खतरा अधिक होता है। कांफ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ. नरेन्द्र खिप्पल ने बताया कि रविवार को छह तकनीकि सत्र आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि लंग कैंसर व फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के लक्षण एक जैसे होते हैं, इसलिए पहले श्वसन रोग एक्सपर्ट को दिखा कर सीटी स्केन, ब्रोंकोस्कॉपी जांच, एक्स-रे आदि जांच कराके परीक्षण कराना चाहिए। ताकि कैंसर का प्रारंभिक स्थिति में ही पता चल सके।

कांफ्रेंस में कैंसर रोग एक्सपर्ट डॉ. ललितमोहन शर्मा ने बताया कि जापान व कोरिया में 40 फीसदी और अमेरिका व यूरोप में लंग कैंसर के अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में 20 प्रतिशत ऐसे होते हैं जिन्हें ऑपरेशन से बचाया जा सकता है। भारत में अंतिम स्थिति में इस रोग के मरीज डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, इसलिए मात्र 5 प्रतिशत ही ऑपरेशन से बच पाते हैं। पल्मोनरी डिजीज एक्सपर्ट डॉ. शुभ्रांशु ने कहा कि देश में 90 फीसदी मरीज कैंसर की थर्ड स्टेज में डॉक्टर के पास आते हैं। यदि लगातार खांसी, सांस फूलने, बलगम, कफ में खून जैसे लक्षण नजर आएं तो तुरंत जांच कराके लंग कैंसर से बचा जा सकता है।

विभिन्न सत्रों में दिल्ली के डॉ. विकास मोर्य ने ब्रोंकोस्कापी विधि से लंग कैंसर के इलाज में लेजर, ब्रेकी थैरेपी एवं स्टेंट की उपयोगिता की जानकारी दी। टाटा मेमोरियल अस्पताल के डॉ. कुमार प्रभास ने कैंसर की नई दवाओं से उपचार, मुंबई के डॉ. आर.सी. मिस्त्री ने लंग कैंसर में सर्जरी की उपयोगिता व किस स्टेज में यह कारगर है, जानकारी दी। पीजीआई चंडीगढ़ के डॉ. डी. बेहरा, डॉ. के.टी. भौमिक, डॉ. संदीप जसूजा, डॉ. नरेश सोमानी, डॉ. शोभित आनंद आदि ने भी लंग कैंसर के कारण, शुरुआती अवस्था में बचाव आदि पर जानकारी दी।

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